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अलीराजपुर

फूलों से नहीं बना सके खाद, रोज तीन क्विंटल फेंक रहे

गौरव व्यास।शाजापुर

शाजापुर।प्रसिद्ध मां राजराजेश्वरी मंदिर में नवरात्र के दौरान भक्तों का सैलाब उमड़ रहा है। हर दिन हजारों भक्त मां के दरबार में मत्था टेक रहे हैं। वे मां को श्रद्धाभाव से फू लों की मालाएं भी चढ़ाते हैं लेकि न बाद में इन मालाओं का क्या होता है, ये बहुत कम लोग ही जानते हैं। दरअसल, ये मालाएं बाद में कचरे में फेंक दी जाती है। चार साल पहले जैविक खाद बनाने के लिए वर्मी कम्पोस्ट कीट यूनिट जरूरी बनाई गई थी कि ंतु इनमें खाद नहीं बनाई जा सकी। भक्तों की आस्था को चोट पहुंचने के बावजूद न तो जिम्मेदार जाग रहे हैं और न ही जैविक खाद बनाने की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है, जबकि चैत्र नवरात्र में तीन क्विंटल, अश्विन नवरात्र में 10 क्विंटल एवं आम दिनों में प्रतिदिन 50 कि लो से एक क्विंटल तक फू लों की मालाएं मां राजराजेश्वरी को चढ़ती है।

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