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अलीराजपुर

समाज के कमजोर वर्गों के प्रति संवेदनशीलता पर दो दिवसीय जिला स्तरिय सेमीनार का आयोजन

रफ़ीक कुरेशी।अलीराजपुर

स्थानिय जिला पुलिस कंट्रोल रूम में समाज के कमजोर वर्गों के प्रति संवेदनशीलता विषय पर दो दिवसीय जिला स्तरिय सेमीनार का आयोजन किया गया। उक्त सेमीनार में जिलें के समस्त थाना प्रभारी एवं प्रत्येक थानों से सहायक उपनिरीक्षक एवं प्रशिक्षु उपनिरीक्षक उपस्थित थे। सेमीनार का शुभारंभ करते हुवे अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सीमा अलावा ने समाज के कमजोर वर्गों के प्रति संवेदनशीलता पर कानूनी कार्यवाही की प्रक्रिया पर प्रकाश डाला। उन्होने बताया कि एक्ट 1995 (संशोधित) की धारा 7 के अनुसार अन्वेषण पुलिस अधिकारी द्वारा किया जाएंगा, जो उपपुलिस अधीक्षक रैंक से कम का ना हो। अन्वेषण 60 दिनों में व गिरफ्तार 30 दिनों में किया जाना आवश्यक है। श्रीमती अलावा ने बताया कि इस अधिनियम के अंतर्गत की जाने वाली कायमियों में फरियादी का जाति प्रमाण-पत्र एसडीएम द्वारा प्रमाणित होना चाहिए। आरोपी की जाति की सत्यता हेतु समाज के प्रतिष्ठित लोंगो या आसपास के लोगो के कथन द्वारा जाति का प्रमाणन पर्याप्त है। अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम की धारा 3(1) के तहत जो व्यक्ति अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति का सदस्य नही है, वह किसी अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के सदस्यों को कोई घृणाजनक पदार्थ खाने के लिए विवश करेगा। उपरोक्त अपराध में कम से कम छः माह और अधिक से अधिक पांच वर्ष तक के कारावास व यथोचित जुर्माना का प्रावधान हैं। श्रीमती अलावा ने उक्त मामलो मे विभिन्न धाराओ का उल्लैख करते हुए कानूनी कार्यवाही की विस्तार से जानकारी प्रदान की।

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