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पेटलावद

नपं के पार्षदों ने एसडीएम के व्यवहार के खिलाफ खोला मोर्चा, निंदा प्रस्ताव पारित


पेटलावद। तन्मय चतुर्वेदी
गणतंत्र दिवस की तैयारियों के लिए आयोजित की गई बैठक में जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा करने पर नप. के 12 पार्षदों ने आपातकालीन बैठक आहुत कर अनुविभागीय अधिकारी हर्षल पंचोली द्वारा की गई उपेक्षा ओर व्यवहार की कड़ी निंदा करते हुए निंदा प्रस्ताव पारित किया हैं।
पार्षदों ने एक स्वर में कहां कि गणतंत्र दिवस के आयोजन प्रशासन और आमजन की सहभागीता के साथ संपन्न होता है। तो इसकी तैयारियों को लेकर प्रशासन के साथ आमजन की भी भागीदारी होना आवश्यक है। जिबकी इस बार के आयोजन में जनप्रतिनिधियों और पत्रकारों की उपेक्षा की गई जिसकी नगर परिषद पूरी तरह निंदा करता है। दिनांक 8 जनवरी मंगलवार कों जनपद सभा कक्ष में आयोजित गणतंत्र दिवस की बैठक में पार्षदों की अवहेलना करते हुए उन्हें बैठक की सुचना नहीं दी गई। परिषद के अंधिकाश पार्षदों का यह मानना है कि राष्ट्रीय पर्व की पूर्व तैयारी हेतू जनभावना से अवगत होना और आयोजन को और भी अधिक गरिमामय बनाने के लिए प्रतिवर्ष गणमान्य नागरिेको के साथ जनप्रतिनिधियों को भी आमंत्रित किया जाता है किन्तु इस बार अनुविभागिय अधिकारी पंचोली द्वारा जन प्रतिनिधियों की अवहेलना की। गणतंत्र दिवस की समीक्षा बैठक में नगर के पार्षदों को सुचित नहीं किया गया। बैठक में नगर परिषद उपाध्यक्ष माया राजु सतोगिया, पार्षद ममता प्रवीण पंवार, प्रकाश मुलेवा, डॉ. अशोक शर्मा, मंगला शंकर राठौड़, मंजु अनिल मुलेवा, कमलेश चौधरी, किरण संजय कहार, किर्तिश चाणोदिया, जगदीश जाटव, शांता राजु मैड़ा, राजु बाई कटारा, मोहनलाल मैड़ा आदि उपस्थित थे।
आयोजन की शुरूआत जनता ने की-
पेटलावद में आयोजित होने वाले गणतंत्र दिवस के भव्य आयोजन की शुरूआत जनप्रतिनिधियों के साथ आमजनता ने मिलकर की थी। जबकि आज की परिस्थितियों में आयोजन में जनता का पुरी तरह से बहिष्कार करना पड रहा हैं। एसडीएम केवल तानाशाहीं पूर्ण रवैया अपनाकर जनता को आयोजन की तैयारियों से दुर रखा जा रहा है। जो कि गलत है। जिसके लिए पुरे नगर में आक्रोश का माहोल है।
बैठक में भी हुआ अपमान-
गणतंत्र दिवस की बैठक के लिए प्रशासन द्वारा 1:30 बजें का समय दिया गया था किन्तु बैठक के आयोजक एसडीएम और अधिकारी समय पर नहीं पहुंचें। जिस कारण सामाजिक कार्यकर्ताओं को लगभग दो घंटे तक इंतजार करना पड़ा। जिसके बाद बैठक प्रारंभ होने पर एसडीएम द्वारा सामाजिक कार्यकर्ताओं के साथ गलत तरीके से बात करते हुए उन्हें बैठक से बाहर निकल जाने तक की धमकी दी गई। एसडीएम के इस प्रकार के रवेयें से आमजन आहत है। बैठक में उपस्थित सभी जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और पत्रकारों ने इस प्रकार के व्यवहार को लेकर निंदा की गई है।
पत्रकारों ने किया निंदा प्रस्ताव पारीत-
वहीं दुसरी और पत्रकारों ने भी एसडीएम के इस प्रकार के व्यवहार की निंदा की है। पत्रकारों के साथ भी एसडीएम द्वारा अभद्रता पूर्ण व्यवहार किया गया है। जिस संबंध में बुधवार को तहसील पत्रकार संघ कार्यालय पर एक आवश्यक बैठक आहुत कर निंदा प्रस्ताव पारीत किया गया है ओर प्रशासन के समाचारों के बहिष्कार करने का निर्णय लिया गया।

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