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अलीराजपुर

परामर्शदाता एवं मास्टर प्रशिक्षक की कार्यशाला सहप्रशिक्षण आयोजित

रफ़ीक कुरेशी।अलीराजपुर

खसरा-रूबैला अभियान, दस्तक अभियान एवं राष्ट्रीय क्षय नियंत्रण कार्यक्रम हेतु राष्ट्रीय किशोर कार्यक्रम के परामर्शदाता एवं मास्टर प्रशिक्षक की कार्यशाला सहप्रशिक्षण का आयोजन किया गया। उक्त कार्यशाला सहप्रशिक्षण में डॉ. केसी गुप्ता, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि खसरा एक ऐसा संक्रामक रोग है जो कि पाँच वर्ष के बच्चों की मृत्यु का प्रमुख कारण है। अटीकाकृत गर्भवती महिला अगर गर्भावस्था के दौरान रूबैला वायरस से संक्रमित हो जाती है तो यह भ्रूण मृत्यु का कारण हो सकता है तथा स्वतः गर्भपात और गर्भ दोष जैसे कि सीआरएस का कारण बन सकता है। खसरा-रूबैला के टीके से ही खसरा एवं रूबैला से बचा जा सकता है। यह अभियान 4 सप्ताह तक चलाया जायेगा। जिसमें प्रथम 2 सप्ताह में जिले के समस्त स्कूलों (सरकारी, गैर सरकारी, केन्द्रीय विद्यालय, नवोदय विद्यालय, आश्रम-छात्रावास, मदरसा तथा आवासीय स्कूल एवं अन्य) में अध्ययनरत निर्धारित आयु समूह के सभी बच्चों को स्कूल में ही टीकाकरण टीम भेज कर प्रतिरक्षित किया जायेगा तथा अंतिम 2 सप्ताह में शेष बच्चों का प्रतिरक्षण गांव स्तर पर गांव में एक बुथध्स्थल बनाकर टीकाकरण टीम द्वारा प्रतिरक्षण किया जायेगा। राष्ट्रीय किशोर स्वाास्थ्य कार्यक्रम के परामर्शदाता एवं मास्टनर प्रशिक्षक साथिया के माध्यम से ग्रामों में 9 माह से 15 वर्ष तक के समस्त बच्चों  को टीकाकृत करवाए। राष्ट्रीय क्षय नियंत्रण कार्यक्रम अंतर्गत डॉ. संतोष सोलंकी, डीटीओ द्वारा क्षय रोग के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। डॉ. प्रितीबाला राठौर, डीपीएम ने दस्तक अभियान के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। उक्त बैठक में भुपेन्द्र मंडलोई, जिला समन्वंयक आरकेएसके, सवेसिंह चैहान, बीईई, जितेन्द्र राठौड, डाटा मैनेजर टीकाकरण, शेलेष श्रीवास्तव, सीईओ, आसरा, जितेन्द्र कुमावत, प्रोग्राम मैनेजर, मधुकर शर्मा, जिला समन्वयक, पीएलए एवं राष्ट्रीय किशोर स्वाास्थ्य कार्यक्रम के समस्त परामर्शदाता एवं मास्टर प्रशिक्षक उपस्थित थे।

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